BHIMRAO RAMJI AMBEDKAR: Muk Nayak
| Author(s) | Ram Avtar Sharma |
|---|---|
| ISBN | 9789350025970 |
| Lang. | Hindi |
| Format | Hardbound |
₹395.00
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Description
यह पुस्तक भीमराव रामजी आंबेडकर के जीवन, विचार, आंदोलनों, लक्ष्य व समकालीन राजनेताओं से उनके सम्बन्धों का विवरण है! अनेक लोग उनके विचारों व क्रियाओं से प्रसन्न न होते हुए भी उन्हें ज्ञानी, उच्च कोटि का वक्ता और पिछड़े समाज का हिमायती मानते थे, चाहे कोई भी उन्हें ‘विद्रोही नेता’ मानता हो लेकिन वे एक क्रन्तिकारी – समाज सुधारक और राष्ट्र भक्त थे! वे सम्पूर्ण विश्व में प्रत्येक व्यक्ति की स्वतंत्रता चाहते थे! उनके अनुसार समता के बिना स्वतंत्रता का कोई अर्थ नहीं और स्वतंत्रता के बिना समता अंत में तानाशाही में बदल सकती है!
भारतीय संविधान के निर्माण में उनका विशेष योगदान रहा, चाहे वे इसके कुछ अंशों से प्रसन्न नहीं थे! वे एक संघर्षशील व कर्मठ नेता थे, तर्क और सामाजिक न्याय उनके विचारों का मूल था! उन्होंने भारतीय समाज व राजनीती को विशेष दिशा प्रदान की! उनके विचार कालजयी हैं, इनकी प्रासंगिकता कभी काम नहीं होगी! आज भी करोड़ों नर-नारी उनसे व उनके विचारों से प्रभावित हैं! पुस्तक में उनके जीवन के संघर्ष, लक्ष्य, शिक्षा, संगठनों, नेतृत्व, अन्य नेताओं, से उनके मतभेद, राष्ट्रभक्ति, संविधान का निर्माण और अंत में बोध धर्म को अपनाने पर विचार हैं! यह भी बतलाया गया है की उनके विचार आज भी क्यों और कैसे आवश्यक हैं!
Additional information
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| Lang. | Hindi |
| Format | Hardbound |
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